🌹सम्पूर्णता को पाने के लिए यह बोल सदा हमारे कानों में गूंजते रहे🌹
👆निराकारी निरहंकारी निर्विकारी
----ब्रह्मा बाबा
⏳हर घड़ी अंतिम घड़ी
---- मम्मा
🕊अब घर जाना है
---- बड़ी दीदी मनमोहिनी
💫अब कर्मातीत बनना है -दादी प्रकाशमणि
☃ये प्रभु लीला चल रही है
----दादी जानकीजी
🌟में माना में आत्मा, मेरा माना मेरा बाबा
----दादी गुलज़ार
✊एक बल एक भरोसा।
----भ्राता जगदीशचंद्रजी (संजय)
No comments:
Post a Comment